आरबीआई ने供 की वृद्धि के बीच घरेलू मांग पर ध्यान दिया
भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि जबकि घरेलू मांग एक प्रमुख वृद्धि प्रेरक है, निकट-अवधि का आर्थिक दृष्टिकोण पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न आपूर्ति पक्ष के दबावों के कारण धुंधला है। इससे मुद्रास्फीति और वृद्धि पूर्वानुमानों पर प्रभाव पड़ सकता है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बताया कि घरेलू मांग एक प्रमुख वृद्धि प्रेरक है, लेकिन निकट-अवधि का आर्थिक दृष्टिकोण पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न आपूर्ति समस्याओं के कारण धुंधला है। यह द्विअर्थकता बाजार की भावना को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि व्यापारी मुद्रास्फीति और वृद्धि पूर्वानुमानों पर संभावित प्रभावों का आकलन करते हैं।
• घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है
• आपूर्ति पक्ष के दबाव वृद्धि में बाधा डाल सकते हैं
व्यापारियों को इन घटनाक्रमों पर करीब से नज़र रखनी चाहिए क्योंकि ये कारक विकसित हो रहे हैं।
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