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आरबीआई दर वृद्धि के बजाय तरलता के उपकरणों को प्राथमिकता देने की संभावना

आरबीआई को उम्मीद है कि वह अपनी अगले बैठक में 5 जून 2023 को रेपो दर 5.25% बनाए रखेगा, तरलता के उपकरणों पर केंद्रित रहेगा ताकि declining capital inflows के बीच रुपये का समर्थन किया जा सके। यह रणनीति बाजार की तरलता और भावना को प्रभावित कर सकती है।

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को अपनी बैठक
5 जून 2023
पर अपरिवर्तित रखने
5.25%

भारत के रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति 5 जून 2023 को अपनी बैठक में रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने की संभावना है। 10 अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि तरलता और नियामक उपकरणों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि रुपये का समर्थन किया जा सके, क्योंकि विदेशी पूंजी निवेश (FDI) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में कमी आ रही है। 📉

यह दृष्टिकोण बिना दर वृद्धि के तत्काल दबाव को कम कर सकता है, जो बाजार की भावना और तरलता की स्थिति को प्रभावित करेगा।

यह निवेश सलाह नहीं है। केवल जानकारी देने के उद्देश्यों के लिए।

OI Charts is not a SEBI-registered investment adviser or research analyst. This bulletin was written by the OI Charts desk from the public sources listed here. It is commentary on market conditions, not a basis for any investment decision and not a recommendation to buy or sell any security. Prices as of 26 May 2026, 07:08 IST.

Sourcesnews.google.com

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