करों में बदलाव से शेयर बायबैक की अपील बढ़ी
केंद्रीय बजट 2026–27 ने शेयर बायबैक के प्रावधानों पर कर को कैपिटल गेंस में स्थानांतरित कर दिया है, जिससे रिटेल निवेशकों के लिए उनकी अपील बढ़ गई। यह बदलाव पिछले प्रणाली की तुलना में कर संबंधी जटिलताओं को सरल बनाता है, जो बायबैक को लाभांश आय के रूप में कर लगाता था।
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- तक के दर
- 5% से 30%
- को उलट देता
- 2024 के ढांचे
केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषणा की गई है कि शेयर बायबैक का प्रावधान अब कैपिटल गेंस के रूप में कर लगाया जाएगा, जबकि पहले इसे व्यक्तिगत आय के रूप में कर दिया जाता था, जिस पर 5% से 30% तक के दर लगते थे। यह बदलाव रिटेल निवेशकों के लिए कराधान को आसान बनाता है, जिससे बायबैक की अपील बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बदलाव पर जोर दिया कि यह 2024 के ढांचे को उलट देता है, जिसमें बायबैक को लाभांश आय के रूप में कर लगाया जाता था, जिससे शेयरधारकों के लिए कर परिणाम स्पष्ट होते हैं।
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